महीनेभर से घर से बाहर नहीं निकले अनुपम खेर, बोले- इस दौरान जो सबक सीखे वो जिंदगी में नहीं मिले

देश में जारी लॉकडाउन के बीच एक्टर अनुपम खेर को हाल ही में अमेरिका से मुंबई लौटे एक महीना पूरा हो गया। इस मौके पर उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए पिछले महीने भर में खुद को मिले अनुभवों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से मैंने घर के बाहर कदम नहीं रखा है और इसके बाद भी मैं पूरी तरह शांत हूं। खेर के मुताबिक इस महीनेभर में उन्हें जो शिक्षा मिली वो उन्हें पूरी जिंदगी में नहीं मिली।


वीडियो शेयर करते हुए खेर ने लिखा, 'लॉकडाउन में मिले सबकः न्यूयॉर्क से मुंबई लौटे आज मुझे पूरा एक महीना हो गया और इस दौरान पूरे वक्त मैं अपने ही घर में ही रहा हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि कभी ऐसा भी संभव हो सकता है। लेकिन जीवन के पास हमें सिखाने के अपने विशेष तरीके हैं। लॉकडाउन के इस दौर में मैंने जो कुछ सबक सीखे हैं, वो इस तरह हैं।'


अनुपम ने बताए लॉकडाउन में मिले सबक


वीडियो में अनुपम कहते हैं, 'आज मुझे न्यूयॉर्क से मुंबई आए एक महीना हो गया। 20 मार्च को मैं दोपहर को 2 बजे एयरइंडिया की फ्लाइट से हिंदुस्तान पहुंचा था, और उसके एक घंटे बाद घर पहुंच गया था। तब से लेकर आजतक मैंने अपने घर की चार दीवारी के बाहर कदम रखा ही नहीं है। बालकनी में गया था एकबार अपने दोस्त अनिल कपूर से बात करने, वर्ना में तब से अपने ही घर में हूं। इस बात से मुझे इस बात का अहसास हुआ कि हम मानव अगर चाहें तो क्या नहीं कर सकते हैं और मैं बहुत शांत हूं, मैं बिल्कुल भी अशांत नहीं हुआ। हां दिन में कभी-कभी ऐसा मौका आता है, जब थोड़ी बहुत घबराहट होती है। लेकिन वो तो जिंदगी के हर मोड़ पर होती है, जिंदगी के हर लम्हें में कहीं ना कहीं ऐसा वक्त आता है कि आपको थोड़ी घबराहट होती है। लेकिन इस एक महीने ने मुझे ये सिखाया कि सहनशीलता में बड़ी ताकत है।'


बोले- आने वाली पुश्तों को इन सबकों से फायदा होगा



आगे उन्होंने कहा, 'इस एक महीने ने मुझे ये सिखाया कि निःस्वार्थ भाव से दुनिया को पहचानना, उनको जानना, उनको मोहब्बत करना और उनको प्यार करना क्या होता है। इस एक महीने ने मुझे सिखाया कि भाई.. इंसान के अलावा भी और ताकते हैं जो इस धरती पर रहती हैं, उनका भी सत्कार करना, उनकी भी इज्जत करना, उनको भी अपना स्पेस देना ये सब बहुत जरूरी है। इस एक महीने ने मुझे सिखाया कि लोगों को मोहब्बत की दृष्टि से देखना, उनकी तरफ उदारता दिखाना बहुत महत्वपूर्ण है। इस एक महीने ने मुझे सिखाया कि जो नीचे सफाई कर्मचारी रहते हैं वो कितने जरूरी हैं। दुनिया के लोग कितने जरूरी हैं। इस महीने में मुझे जो शिक्षा मिली वो मुझे पूरी जिंदगी में नहीं मिली। और मुझे पूरा यकीन है कि आप अपने अंदर झांककर देखेंगे तो आपको भी लगेगा कि इस लॉकडाउन पीरियड में आपने जो सीखा है वो आने वाली पुश्तों को इस बात का फायदा होगा। मेरे दोस्तों कुछ भी हो सकता है। मजा आया।